Active and Passive income in hindi: आज के समय में कमाई का मतलब सिर्फ नौकरी या रोज काम करके पैसा कमाना नहीं है। बहुत से लोग अपनी Active Income के साथ कमाई का ऐसे स्रोत भी बनाना चाहते हैं जिनसे समय के साथ अतिरिक्त आय आती रहे। यहीं से बात आती है Passive Income की ।

दुनिया के सबसे महान निवेशकों में से एक वॉरेन बफेट का एक बहुत ही मशहूर Quote है –
“अगर आप सोते हुए पैसा कमाने का तरीका नहीं ढूँढते, तो आपको मरते दम तक काम करना पड़ेगा।”
लेकिन Passive Income को लेकर इंटरनेट पर एक गलत धारणा भी है कि इसमें “कुछ भी काम नहीं करना पड़ता और पैसा अपने आप आता रहता है।” असलियत इससे थोड़ी अलग है।
ज्यादातर लोग पूरी जिंदगी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक काम करते हैं और महीने के अंत में मिलने वाली सैलरी का इंतजार करते हैं। लेकिन अमीर लोग ऐसा नहीं करते। अमीर आदमी अपने समय को सीधे पैसे के लिए नहीं बेचते, बल्कि वे ऐसा ‘सिस्टम’ बना देते हैं जो उन्हें तब भी पैसा दें जब वे काम न कर रहे हों।
यहीं से शुरुआत होती है फाइनेंस के दो सबसे महत्वपूर्ण शब्दों की – एक्टिव इनकम और पैसिव इनकम (Active and Passive Income)।
तो चलिए बिना किसी भारी-भरकम फाइनेंशियल शब्दों के Active and Passive Income को सीधी सीधी भाषा में समझते हैं।
एक्टिव इनकम क्या है? (What is Active Income in Hindi?)
एक्टिव इनकम वो आय (आमदनी) है जो आप तभी कमाते हैं जब आप सीधे तौर पर काम कर रहे हों। इसे “टाइम फॉर मनी” मॉडल भी कह सकते हैं। यानी आप अपना समय और मेहनत देते हैं, बदले में पैसा मिलता है। जिस दिन आप काम करना बंद कर देंगे तो उस दिन ये पैसा आना भी बंद हो जाएगा।
सीधे शब्दों में कहें तो – जब तक आप काम करेंगे या काम पर जाएंगे तब तक आपको पैसा मिलेगा। जिस दिन आपने काम करना बंद किया पैसा आना भी बंद हो जाएगा। इसे ही एक्टिव इनकम (Active Income) कहते हैं।
एक्टिव इनकम के कुछ उदाहरण –
- नौकरी की सैलरी
- फ्रीलांसिंग से मिलने वाला पेमेंट
- डॉक्टर, वकील या कंसल्टेंट की फीस
- दुकान चलाकर होने वाली रोज की कमाई
- ओवरटाइम या फ्रीलांस प्रोजेक्ट से मिलने वाला पैसा
एक बात ध्यान रखिए – एक्टिव इनकम गलत नहीं है बल्कि ज्यादातर लोगों की शुरुआत यहीं से होती है। सवाल ये है कि क्या आप सिर्फ इसी पर टिके रहेंगे या इसके साथ-साथ कुछ और भी बनाएंगे।
पैसिव इनकम क्या है? (What is Passive Income in Hindi?)
पैसिव इनकम का मतलब है ऐसा पैसा या आमदनी जिसके लिए आपको रोजाना सक्रिय रूप से काम नहीं करना पड़ता।
इसमें आपको शुरुआत में एक बार मेहनत करनी पड़ती है, समय देना पड़ता है या पैसा लगाना पड़ता है लेकिन एक बार जब आपका सिस्टम तैयार हो जाता है तो आपको आपकी कमाई का पैसा तब भी मिलता रहता है जब आप काम नहीं कर रहे होते हैं। यहाँ तक कि जब आप सो रहे होते हैं या छुट्टियों पर होते हैं तब भी आप अपने बनाए हुए सेटअप से पैसे कमा रहे होते हैं।
पैसिव इनकम के कुछ उदाहरण –
- किराए की प्रॉपर्टी से मिलने वाला रेंट
- शेयर बाजार में निवेश से मिलने वाला डिविडेंड
- फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाला ब्याज
- म्यूचुअल फंड और SIP से लंबी अवधि में बनने वाला रिटर्न
- यूट्यूब चैनल या ब्लॉग से मिलने वाली विज्ञापन कमाई
- किसी डिजिटल कोर्स या ई-बुक की बार-बार होने वाली बिक्री
उदाहरण के लिए – 1. अगर आप पुणे में एक 1BHK फ्लैट ₹30 लाख में खरीदते हैं और उसे किराए पर देते हैं तो इससे हर महीने बिना रोज काम किए आपके अकाउंट में किराए का पैसा आता रहेगा।
2. मान लीजिए किसी व्यक्ति ने एक उपयोगी e-book तैयार की। उसे बनाने में शुरुआत में काफी मेहनत लगी। बाद में वही e-book बार-बार बिकती है और हर बिक्री पर उसे आय मिलती है। इस तरह की कमाई को Personal Finance की भाषा में Passive Income कहते है।
एक्टिव इनकम और पैसिव इनकम में मुख्य अंतर (Active income V/S Passive income)
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फीचर्स (Features) |
एक्टिव इनकम (Active Income) |
पैसिव इनकम (Passive Income) |
|---|---|---|
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काम |
पैसा कमाने के लिए आपका मौजूद रहना जरूरी है। |
एक बार सेटअप होने के बाद आपको रोज काम करना जरूरी नहीं है। |
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समय |
आप अपना समय बेचकर पैसा कमाते हैं। दिन के घंटों तक सीमित। |
यह आपको समय की आज़ादी देता है। |
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कमाई की सीमा |
कमाई सीमित होती है (Limited)। |
कमाई की कोई सीमा नहीं होती (Unlimited)। |
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रिस्क (Risk) |
रिस्क कम है (महीने के अंत में फिक्स सैलरी मिलती है)। लेकिन नौकरी/काम छूटने पर कमाई बंद हो जाती है। |
शुरुआत में मेहनत और थोड़ा रिस्क होता है लेकिन बाद में सुरक्षित है। लेकिन कभी कभी निवेश के हिसाब से रिस्क अलग-अलग हो सकता है। |
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उदाहरण |
सैलरी, फीस, दुकान की कमाई, इत्यादि। |
किराया, डिविडेंड, ब्याज, SIP रिटर्न इत्यादि। |
पैसिव इनकम कमाने के बेस्ट तरीके
1. इंडेक्स फंड या स्टॉक्स में निवेश
अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा हर महीने निफ्टी 50 (Nifty 50) या अच्छे शेयर्स में लगाएं। समय के साथ यह कंपाउंड (Compound) होकर आपको लाखों रुपये की पैसिव इनकम देगा। (निफ्टी 50 के बारे में अधिक जानने के लिए यहाँ क्लिक करें – निफ्टी 50 क्या है पूरी जानकारी)।
2. ब्लॉगिंग (Blogging)
एक बार जब कोई ब्लॉग चल जाता है तो उस पर लगे विज्ञापनों (AdSense) या एफिलिएट से सोते समय भी डॉलर में कमाई होती है।
3. ऑनलाइन कंटेंट और टूल्स
यूट्यूब चैनल बनाना, ऑनलाइन वेबसाइट बनाना, या किसी खास विषय पर डिजिटल कोर्स बेचना आज के समय में पैसिव इनकम के सबसे शानदार तरीके हैं।
4. किराये से आय (Rental Income)
यदि किसी व्यक्ति के पास कोई ऐसी property है जिसे वह किराये पर देता है तो उससे नियमित Rent प्राप्त हो सकता है।
5. Interest Income
Savings, deposits या कुछ debt instruments से Interest प्राप्त हो सकता है। लेकिन Interest की दर, product की conditions, tax treatment और risk को समझना जरूरी है।
6. Royalties
यदि किसी व्यक्ति के पास Copyright, Book, Music, Design, Patent या अन्य Intellectual Property से संबंधित अधिकार हैं तो licensing या royalty arrangement के माध्यम से आय प्राप्त हो सकती है।
7. Digital Products
उदाहरण –
- E-book
- Templates
- Educational resources
- Software
- Digital courses
इन products को बनाने में शुरुआत में काफी मेहनत लग सकती है लेकिन बाद में वही product कई लोगों को बेचा जा सकता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
दोस्तों हमे पूरा उम्मीद है कि आज का यह लेख Active and Passive income in Hindi आपको जरूर समझ में आ गया होगा।अंत में अगर आप यह सोच रहे हैं कि एक्टिव इनकम और पैसिव इनकम क्या है और इनमें से कौन बेहतर है? तो दोस्तों इसका जवाब है – दोनों ज़रूरी हैं।
अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने और निवेश के लिए शुरुआती पैसा जुटाने के लिए आपको एक्टिव इनकम चाहिए। लेकिन असल वेल्थ बनाने या अमीर बनने के लिए और समय की आजादी पाने के लिए आपको अपनी एक्टिव इनकम का कुछ हिस्सा पैसिव इनकम के सोर्सेस (Assets) बनाने में लगाना होगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q 1. क्या पैसिव इनकम के लिए बहुत सारा पैसा चाहिए?
Ans. बिल्कुल नहीं! आज इंटरनेट के जमाने में आप बिना पैसों के या बहुत कम पैसों से भी पैसिव इनकम कमाना शुरू कर सकते हैं। जैसे ब्लॉग लिखना ई-बुक बेचना या यूट्यूब वीडियो बनाना।
Q 2. क्या पैसिव इनकम का मतलब ‘बिना काम किए पैसा’ है?
Ans. यह एक बहुत बड़ा मिथक है। पैसिव इनकम में शुरुआत में आपको एक्टिव इनकम से भी ज़्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। लेकिन जब एक बार जब काम सेट हो जाता है तब आपको रोजाना मेहनत नहीं करनी पड़ती है।
Q 3. एक्टिव इनकम और पैसिव इनकम में सबसे सुरक्षित कौन सा है?
Ans. शॉर्ट टर्म में एक्टिव इनकम सुरक्षित लगती है क्योंकि उसमें हर महीने पैसा आता है। लेकिन लॉन्ग टर्म में पैसिव इनकम ज़्यादा सुरक्षित है क्योंकि अगर आपकी नौकरी छूट भी जाए तो पैसिव इनकम से आपका घर चल सकता है।
Q 4. एक्टिव इनकम और पैसिव इनकम में मुख्य अंतर क्या है?
Ans. एक्टिव इनकम तभी मिलती है जब आपसक्रिय रूप से काम कर रहे हों । जबकि पैसिव इनकम एक बार सिस्टम खड़ा करने के बाद बिना रोज काम किए मिलती रहती है।
Q 5. क्या नौकरी करते हुए पैसिव इनकम बनाई जा सकती है?
Ans. बिल्कुल। बल्कि यही सबसे सुरक्षित तरीका है । पहले एक्टिव इनकम को स्थिर रखें और उसका एक हिस्सा धीरे-धीरे पैसिव इनकम के स्रोतों में लगाते रहें।
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